Punjab Board Results

Board | Universities | Institution
01. Punjab School Education Board
02. Lovely Professional University (LPU)
03. Punjab Technical University
04. Panjab University Chandigrah
05. Guru Nanak Dev University, Amritsar
06. Baba Farid University of Health Sciences, Faridkot
07. Rajiv Gandhi National University Of law, Patiala
08. Punjab Agricultural Univerersity, Ludhiana
09. Dr. B. R. Ambedkar National Institute of Technology, Jalandhar

वेबसाइट Indiaboardresults.com खोलें। होम पेज पर अपना बोर्ड/परीक्षा चुनें (यूपी बोर्ड, सीबीएसई, बिहार बोर्ड, आदि)। “परिणाम देखें” या परिणाम लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर/पंजीकरण नंबर दर्ज करें। सबमिट बटन पर क्लिक करें। परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। आप मार्कशीट डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।

Details mentioned on Marksheet

  • Student Name
  • Roll No.
  • Father’s Name
  • Subject wise Marks
  • Total Marks
  • Result Status – Pass/Fail

उत्तीर्ण होने के लिए आवश्यक अंक प्रतिशत – न्यूनतम 34% अंक अनिवार्य।

अगर कोई बोर्ड रिजल्ट (10वीं या 12वीं) मैं फेल हो जाऊं, तो ये अगले कदम उठाये जा सकते हैं:

“अगर आप बोर्ड रिजल्ट में फेल हो गए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले मार्कशीट चेक करें और कंपार्टमेंट परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन के विकल्प देखें। कंपार्टमेंट परीक्षा पास करके आप अपना शैक्षणिक वर्ष बचा सकते हैं। अगर जरूरी हो तो अगले सत्र में परीक्षा दोबारा देकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। हैं।”

1. मार्कशीट ध्यान से देखें

कितने विषयों में फेल हुए हैं?
मार्क्स पासिंग से कितने कम हैं?
क्या रीचेकिंग से फ़ायदा हो सकता है?

 2. पुनर्मूल्यांकन/पुनः जांच के लिए आवेदन करें

अगर लगता है कि मार्क्स कम हो गए हैं, तो बोर्ड के पुनर्मूल्यांकन या स्क्रूटनी प्रक्रिया का उपयोग करें।

 3. कम्पार्टमेंट/पूरक परीक्षा दीन

अक्सर बोर्ड में फेल छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका देते हैं। सिर्फ फेल सब्जेक्ट की तैयारी करनी होती है।
साल बच सकता है।

 4. तयारी का नया प्लान बनाएं

कमजोर विषयों की पहचान करें.  दैनिक अध्ययन कार्यक्रम बनाएं। पिछले वर्ष के पेपर हल करें। टीचर्स या कोचिंग की मदद लें।

 5. अगर काई सब्जेक्ट्स में फेल हैं

एकेडमिक सेशन में परीक्षा दोबारा दे सकते हैं। काई बोर्ड प्राइवेट कैंडिडेट के रूप में भी परीक्षा देने की सुविधा देते हैं।

 6. करियर विकल्प समझे

10वीं या 12वीं में फेल होने के बाद भी ओपन स्कूलिंग के विकल्प होते हैं। कौशल आधारित पाठ्यक्रम किये जा सकते हैं। अगले प्रयास में बोर्ड क्लियर करके पढाई जारी रहेगी।

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